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चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 30

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 30चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 30

146 : - चाणक्य कहते हैं कि जिस तरह वेश्या धन के समाप्त होने पर पुरुष से मुँह मोड़ लेती है। उसी तरह जब राजा शक्तिहीन हो जाता है तो

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 29

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 29चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 29

141 : - वे माता-पिता अपने बच्चों के लिए शत्रु के समान हैं, जिन्होंने बच्चों को ‍अच्छी शिक्षा नहीं दी। क्योंकि अनपढ़ बालक का विद्वानों के समूह में उसी प्रकार

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 28

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 28चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 28

136 : - जो मित्र आपके सामने चिकनी-चुपड़ी बातें करता हो और पीठ पीछे आपके कार्य को बिगाड़ देता हो, उसे त्याग देने में ही भलाई है। चाणक्य कहते हैं

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 27

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 27चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 27

132 : - जिस प्रकार सभी पर्वतों पर मणि नहीं मिलती, सभी हाथियों के मस्तक में मोती उत्पन्न नहीं होता, सभी वनों में चंदन का वृक्ष नहीं होता, उसी प्रकार

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 26

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 26चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 26

121 : - अन्न से बढ़कर कोई दान नहीं होता. गायत्री मंत्र सर्वश्रेष्ठ है और माता से श्रेष्ठ कोई नहीं है. 121 : - ann se badhakar koee daan nahin

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 25

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 25चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 25

121 : - अन्न से बढ़कर कोई दान नहीं होता. गायत्री मंत्र सर्वश्रेष्ठ है और माता से श्रेष्ठ कोई नहीं है. 121 : - ann se badhakar koee daan nahin

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 24

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 24चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 24

 116 : - पराई स्त्री के साथ व्यभिचार करने वाला, गुरु और देवालय का धन हरण करने वाला और हर प्रकार के प्राणियों के साथ रहने वाला व्यक्ति यदि ब्राह्मण

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 23

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 23चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 23

111 : - दुष्ट और सांप में सांप अच्छा है क्योंकि सांप तो एक बार डसता है किन्तु दुष्ट तो पग-पग पर डसता रहता है . 111 : - dusht

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 22

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 22चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 22

106 : - विषहीन सर्प को भी अपनी रक्षा के लिए फन फैलाना पड़ता है. (इसलिए शक्तिशाली न होते हुए भी शक्तिशाली होने का दिखावा करना आपकी रक्षा करता है.)

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 21

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 21चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 21

101 : - मधुर वाणी, दान देने में रुचि, देवताओं कि पूजा तथा ब्राह्मण को संतुष्ट रखना. इन लक्षणों वाला व्यक्ति इस लोक में स्वर्ग कि कोई महान आत्मा होती