Chaanaky Nitichanakya niti

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 46

226 : - सुख और दुःख में समान रूप से सहायक होना चाहिए।

227 : - स्वाभिमानी व्यक्ति प्रतिकूल विचारों को सम्मुख रखकर दोबारा उन पर विचार करे।

228 : - अविनीत व्यक्ति को स्नेही होने पर भी अपनी मंत्रणा में नहीं रखना चाहिए।

229 : - ज्ञानी और छल-कपट से रहित शुद्ध मन वाले व्यक्ति को ही मंत्री बनाए।

230 : - समस्त कार्य पूर्व मंत्रणा से करने चाहिए।

chanakya niti for motivation

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