चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 55

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 55
281 : - दण्डनीति के प्रभावी न होने से मंत्रीगण भी बेलगाम होकर अप्रभावी हो जाते है।
281 : - dandaneeti ke prabhaavee na hone se mantreegan bhee belagaam hokar aprabhaavee ho jaate hai.
282 : - दंड का भय न होने से लोग अकार्य करने लगते है।
282 : - dand ka bhay na hone se log akaary karane lagate hai.
283 : - दण्डनीति से आत्मरक्षा की जा सकती है।
283 : - dandaneeti se aatmaraksha kee ja sakatee hai.
284 : - आत्मरक्षा से सबकी रक्षा होती है।
284 : - aatmaraksha se sabakee raksha hotee hai.
285 : - आत्मसम्मान के हनन से विकास का विनाश हो जाता है।
285 : - aatmasammaan ke hanan se vikaas ka vinaash ho jaata hai.

Also, Read
Swami Vivekananda
Good Morning
Chanakya Niti

Chanakya Quotes in Hindi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Post

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 22

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 22

106 : - विषहीन सर्प को भी अपनी रक्षा के लिए फन फैलाना पड़ता है.

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 49

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 49

241 : - छः कानो में पड़ने से (तीसरे व्यक्ति को पता पड़ने से) मंत्रणा

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 54

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 54

266 : - दुर्बल के आश्रय से दुःख ही होता है। 267 : - अग्नि

पाप कर्म करने वाले को || चाणक्य नीति chanakya niti || भाग 77

पाप कर्म करने वाले को || चाणक्य नीति chanakya niti || भाग 77

Chanakya Neeti In Hindi 381 : - मछेरा जल में प्रवेश करके ही कुछ पाता

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 34

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 34

166 : - आग सिर में स्थापित करने पर भी जलाती है। अर्थात दुष्ट व्यक्ति

चाणक्य के अनमोल विचार – Chanakay Niti in Hindi भाग 143

चाणक्य के अनमोल विचार – Chanakay Niti in Hindi भाग 143

711 : - असहाय पथिक बनकर मार्ग में न जाएं। 711 : - asahaay pathik