चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 54

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 54

266 : - दुर्बल के आश्रय से दुःख ही होता है।
267 : - अग्नि के समान तेजस्वी जानकर ही किसी का सहारा लेना चाहिए।
268 : - राजा के प्रतिकूल आचरण नहीं करना चाहिए।
269 : - व्यक्ति को उट-पटांग अथवा गवार वेशभूषा धारण नहीं करनी चाहिए।
270 : - देवता के चरित्र का अनुकरण नहीं करना चाहिए।

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