चाणक्य के अनमोल विचार – Chanakya Niti भाग 119

चाणक्य के अनमोल विचार – Chanakya Niti भाग 119
591 : - जल में मूत्र त्याग न करें।
591 : - jal mein mootr tyaag na karen.
592 : - नग्न होकर जल में प्रवेश न करें।
592 : - nagn hokar jal mein pravesh na karen.
593 : - जैसा शरीर होता है वैसा ही ज्ञान होता है।
593 : - jaisa shareer hota hai vaisa hee gyaan hota hai.
594 : - जैसी बुद्धि होती है , वैसा ही वैभव होता है।
594 : - jaisee buddhi hotee hai , vaisa hee vaibhav hota hai.
595 : - स्त्री के बंधन से मोक्ष पाना अति दुर्लभ है।
595 : - stree ke bandhan se moksh paana ati durlabh hai.

Swami Vivekananda
Good Morning
Chanakya Niti

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