नाश का कारण होता है || चाणक्य नीति chanakya niti || भाग 93

नाश का कारण होता है || चाणक्य नीति chanakya niti || भाग 93

chanakya niti for success in life in hindi

461 : - कर्म करने वाले को मृत्यु का भय नहीं सताता।
461 : - karm karane vaale ko mrtyu ka bhay nahin sataata.
462 : - साधू पुरुष किसी के भी धन को अपना ही मानते है।
462 : - saadhoo purush kisee ke bhee dhan ko apana hee maanate hai.
463 : - दूसरे के धन अथवा वैभव का लालच नहीं करना चाहिए।
463 : - doosare ke dhan athava vaibhav ka laalach nahin karana chaahie.
464 : - मृत व्यक्ति का औषधि से क्या प्रयोजन।
464 : - mrt vyakti ka aushadhi se kya prayojan.
465 : - दूसरे के धन का लोभ नाश का कारण होता है।
465 : - doosare ke dhan ka lobh naash ka kaaran hota hai.

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Chanakya Niti

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