चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 56

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 56

276 : - कामी पुरुष कोई कार्य नहीं कर सकता।
276 : - kaamee purush koee kaary nahin kar sakata.
277 : - पूर्वाग्रह से ग्रसित दंड देना लोकनिंदा का कारण बनता है।
277 : - poorvaagrah se grasit dand dena lokaninda ka kaaran banata hai.
278 : - धन का लालची श्रीविहीन हो जाता है।
278 : - dhan ka laalachee shreeviheen ho jaata hai.
279 : - दण्डनीति के उचित प्रयोग से ही प्रजा की रक्षा संभव है।
279 : - dandaneeti ke uchit prayog se hee praja kee raksha sambhav hai.
280 : - दंड से सम्पदा का आयोजन होता है।
280 : - dand se sampada ka aayojan hota hai.

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