चाणक्य के अनमोल विचार – Chanakay Niti in Hindi भाग 151

चाणक्य के अनमोल विचार – Chanakay Niti in Hindi भाग 151
751 : - ज्ञानी पुरुषों को संसार का भय नहीं होता।
751 : - gyaanee purushon ko sansaar ka bhay nahin hota.
752 : - जन्म-मरण में दुःख ही है।
752 : - janm-maran mein duhkh hee hai.
753 : - व्यक्ति कर्मों से महान बनता है, जन्म से नहीं।
753 : - vyakti karmon se mahaan banata hai, janm se nahin.
754 : - प्रयत्न न करने से कार्य में विघ्न पड़ता है।
754 : - prayatn na karane se kaary mein vighn padata hai.
755 : - यदि किसी का स्वभाव अच्छा है तो उसे किसी और गुण की क्या जरूरत है ? यदि आदमी के पास प्रसिद्धि है तो भला उसे और किसी सिंगार की क्या आवश्यकता है.
755 : - yadi kisee ka svabhaav achchha hai to use kisee aur gun kee kya jaroorat hai ? yadi aadamee ke paas prasiddhi hai to bhala use aur kisee singaar kee kya aavashyakata hai.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Post

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 43

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 43

211 : - प्रकृति (सहज) रूप से प्रजा के संपन्न होने से नेताविहीन राज्य भी

चाणक्य के अनमोल विचार – Chanakay Niti in Hindi भाग 140

चाणक्य के अनमोल विचार – Chanakay Niti in Hindi भाग 140

696 : - नित्य दूसरे को समभागी बनाए। 696 : - nity doosare ko samabhaagee

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 56

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 56

276 : - कामी पुरुष कोई कार्य नहीं कर सकता। 276 : - kaamee purush

चाणक्य के अनमोल विचार – Chanakay Niti in Hindi भाग 142

चाणक्य के अनमोल विचार – Chanakay Niti in Hindi भाग 142

706 : - विश्वासघाती की कहीं भी मुक्ति नहीं होती। 706 : - vishvaasaghaatee kee

चाणक्य के अनुसार यह त्याग कर देना चाहिए। || चाणक्य नीति chanakya niti || भाग 114

चाणक्य के अनुसार यह त्याग कर देना चाहिए। || चाणक्य नीति chanakya niti || भाग 114

chanakya niti for success in life 566 : - पुत्र को सभी विद्याओं में क्रियाशील

कभी विश्वास न करें  || चाणक्य नीति chanakya niti || भाग 80

कभी विश्वास न करें || चाणक्य नीति chanakya niti || भाग 80

Chanakya Neeti In Hindi 396 : - हाथ में आए शत्रु पर कभी विश्वास न