चाणक्य के अनमोल विचार – Chanakay Niti भाग 150

चाणक्य के अनमोल विचार – Chanakay Niti भाग 150
746 : - राजा के दर्शन देने से प्रजा सुखी होती है।
746 : - raaja ke darshan dene se praja sukhee hotee hai.
747 : - अहिंसा धर्म का लक्षण है।
747 : - ahinsa dharm ka lakshan hai.
748 : - संसार की प्रत्येक वास्तु नाशवान है।
748 : - sansaar kee pratyek vaastu naashavaan hai.
749 : - भले लोग दूसरों के शरीर को भी अपना ही शरीर मानते है।
749 : - bhale log doosaron ke shareer ko bhee apana hee shareer maanate hai.
750 : - मांस खाना सभी के लिए अनुचित है।
750 : - maans khaana sabhee ke lie anuchit hai.

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