चाणक्य के अनमोल विचार – Chanakay Niti भाग 150

चाणक्य के अनमोल विचार – Chanakay Niti भाग 150
746 : - राजा के दर्शन देने से प्रजा सुखी होती है।
746 : - raaja ke darshan dene se praja sukhee hotee hai.
747 : - अहिंसा धर्म का लक्षण है।
747 : - ahinsa dharm ka lakshan hai.
748 : - संसार की प्रत्येक वास्तु नाशवान है।
748 : - sansaar kee pratyek vaastu naashavaan hai.
749 : - भले लोग दूसरों के शरीर को भी अपना ही शरीर मानते है।
749 : - bhale log doosaron ke shareer ko bhee apana hee shareer maanate hai.
750 : - मांस खाना सभी के लिए अनुचित है।
750 : - maans khaana sabhee ke lie anuchit hai.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Post

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 38

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 38

186 : - अर्थ, धर्म और कर्म का आधार है। 187 : - शत्रु दण्डनीति के ही

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 62

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 62

306 : - परीक्षा करने से लक्ष्मी स्थिर रहती है। 307 : - सभी प्रकार

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 61

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 61

301 : - अशुभ कार्यों को नहीं करना चाहिए। 302 : - समय को समझने

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 9

चाणक्य के अनमोल विचार || chanakya status video – Part 9

chanakya video 41 : - गाय चाहे जो खा ले दूध ही देगी. इसी प्रकार

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 60

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 60

296 : - कार्य का स्वरुप निर्धारित हो जाने के बाद वह कार्य लक्ष्य बन

भोजन के बारे में क्या कहते है चाणक्य  || चाणक्य नीति chanakya niti || भाग 84

भोजन के बारे में क्या कहते है चाणक्य || चाणक्य नीति chanakya niti || भाग 84

Chanakya Neeti In Hindi 416 : - यदि न खाने योग्य भोजन से पेट में