चाणक्य के अनमोल विचार – Chanakay Niti in Hindi भाग 149

चाणक्य के अनमोल विचार – Chanakay Niti in Hindi भाग 149
741 : - प्रजाप्रिय राजा लोक-परलोक का सुख प्रकट करता है।
741 : - prajaapriy raaja lok-paralok ka sukh prakat karata hai.
742 : - मनुष्य के चेहरे पर आए भावों को देवता भी छिपाने में अशक्त होते है।
742 : - manushy ke chehare par aae bhaavon ko devata bhee chhipaane mein ashakt hote hai.
743 : - चोर और राजकर्मचारियों से धन की रक्षा करनी चाहिए।
743 : - chor aur raajakarmachaariyon se dhan kee raksha karanee chaahie.
744 : - कीड़ों तथा मलमूत्र का घर यह शरीर पुण्य और पाप को भी जन्म देता है।
744 : - keedon tatha malamootr ka ghar yah shareer puny aur paap ko bhee janm deta hai.
745 : - राजा के दर्शन न देने से प्रजा नष्ट हो जाती है।
745 : - raaja ke darshan na dene se praja nasht ho jaatee hai.

Also, Read
Swami Vivekananda
Good Morning
Chanakya Niti

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Post

दूसरे के दोष ही दिखाई देना || चाणक्य नीति chanakya niti || भाग 107

दूसरे के दोष ही दिखाई देना || चाणक्य नीति chanakya niti || भाग 107

Chaanaky Ke Anamol Vichaar 531 : - मुर्ख व्यक्ति को अपने दोष दिखाई नहीं देते,

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 31

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 31

152 : - वन की अग्नि चन्दन की लकड़ी को भी जला देती है अर्थात

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 22

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 22

106 : - विषहीन सर्प को भी अपनी रक्षा के लिए फन फैलाना पड़ता है.

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 56

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 56

276 : - कामी पुरुष कोई कार्य नहीं कर सकता। 276 : - kaamee purush

चाणक्य के अनमोल विचार – Chanakya Niti भाग 121

चाणक्य के अनमोल विचार – Chanakya Niti Motivation भाग 121

chanakya niti for motivation 601 : - धर्म का विरोध कभी न करें। 601 :

सफलता-असफलता के संकेत चाणक्य || चाणक्य नीति chanakya niti || 103

सफलता-असफलता के संकेत चाणक्य || चाणक्य नीति chanakya niti || 103

Chaanaky Ke Anamol Vichaar 511 : - कार्य के लक्षण ही सफलता-असफलता के संकेत दे