चाणक्य के अनमोल विचार – Chanakay Niti in Hindi भाग 147

चाणक्य के अनमोल विचार – Chanakay Niti in Hindi भाग 147
731 : - तत्त्वों का ज्ञान ही शास्त्र का प्रयोजन है।
731 : - tattvon ka gyaan hee shaastr ka prayojan hai.
732 : - कर्म करने से ही तत्त्वज्ञान को समझा जा सकता है।
732 : - karm karane se hee tattvagyaan ko samajha ja sakata hai.
733 : - धर्म से भी बड़ा व्यवहार है।
733 : - dharm se bhee bada vyavahaar hai.
734 : - आत्मा व्यवहार की साक्षी है।
734 : - aatma vyavahaar kee saakshee hai.
735 : - आत्मा तो सभी की साक्षी है।
735 : - aatma to sabhee kee saakshee hai.

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