चाणक्य के अनमोल विचार – Chanakay Niti in Hindi भाग 144

चाणक्य के अनमोल विचार – Chanakay Niti in Hindi भाग 144
716 : - अपनी सेवा से स्वामी की कृपा पाना सेवकों का धर्म है।
716 : - apanee seva se svaamee kee krpa paana sevakon ka dharm hai.
717 : - जैसी आज्ञा हो वैसा ही करें।
717 : - jaisee aagya ho vaisa hee karen.
718 : - विशेष कार्य को (बिना आज्ञा भी) करें।
718 : - vishesh kaary ko (bina aagya bhee) karen.
719 : - राजसेवा में डरपोक और निकम्मे लोगों का कोई उपयोग नहीं होता।
719 : - raajaseva mein darapok aur nikamme logon ka koee upayog nahin hota.
720 : - नीच लोगों की कृपा पर निर्भर होना व्यर्थ है।
720 : - neech logon kee krpa par nirbhar hona vyarth hai.

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