पराई स्त्री से सम्भोग || चाणक्य नीति chanakya niti || भाग 116

पराई स्त्री से सम्भोग || चाणक्य नीति chanakya niti || भाग 116
576 : - एक ही गुरुकुल में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं का निकट संपर्क ब्रह्मचर्य को नष्ट कर सकता है।
576 : - ek hee gurukul mein padhane vaale chhaatr-chhaatraon ka nikat sampark brahmachary ko nasht kar sakata hai.
577 : - पुत्र प्राप्ति के लिए ही स्त्री का वरण किया जाता है।
577 : - putr praapti ke lie hee stree ka varan kiya jaata hai.
578 : - पराए खेत में बीज न डाले। अर्थात पराई स्त्री से सम्भोग (सेक्स) न करें।
578 : - parae khet mein beej na daale. arthaat paraee stree se sambhog (seks) na karen.
579 : - अपनी दासी को ग्रहण करना स्वयं को दास बना लेना है।
579 : - apanee daasee ko grahan karana svayan ko daas bana lena hai.
580 : - विनाश काल आने पर दवा की बात कोई नहीं सुनता।
580 : - vinaash kaal aane par dava kee baat koee nahin sunata.

Swami Vivekananda
Good Morning
Chanakya Niti

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Post

चाणक्य के अनुसार यह त्याग कर देना चाहिए। || चाणक्य नीति chanakya niti || भाग 114

चाणक्य के अनुसार यह त्याग कर देना चाहिए। || चाणक्य नीति chanakya niti || भाग 114

chanakya niti for success in life 566 : - पुत्र को सभी विद्याओं में क्रियाशील

चाणक्य के अनमोल विचार – Chanakay Niti in Hindi भाग 144

चाणक्य के अनमोल विचार – Chanakay Niti in Hindi भाग 144

716 : - अपनी सेवा से स्वामी की कृपा पाना सेवकों का धर्म है। 716

इन जगहों पर खाली हाथ नहीं जाना चाहिए || चाणक्य नीति chanakya niti || भाग 112

इन जगहों पर खाली हाथ नहीं जाना चाहिए || चाणक्य नीति chanakya niti || भाग 112

chanakya niti for success in life 556 : - राजा से बड़ा कोई देवता नहीं।

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 58

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 58

286 : - निर्बल राजा की आज्ञा की भी अवहेलना कदापि नहीं करनी चाहिए। 286

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 11

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 11

chanakya video 51 : - किसी से अपना काम निकालना हो तो मधुर वचन बोलें.

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 34

चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 34

166 : - आग सिर में स्थापित करने पर भी जलाती है। अर्थात दुष्ट व्यक्ति