क्रोध करने से पूर्व क्या करना चाहिए || चाणक्य नीति chanakya niti || भाग 108

क्रोध करने से पूर्व क्या करना चाहिए || चाणक्य नीति chanakya niti || भाग 108

chanakya niti for success in life

536 : - बुरे व्यक्ति पर क्रोध करने से पूर्व अपने आप पर ही क्रोध करना चाहिए।
536 : - bure vyakti par krodh karane se poorv apane aap par hee krodh karana chaahie.
537 : - बुद्धिमान व्यक्ति को मुर्ख, मित्र, गुरु और अपने प्रियजनों से विवाद नहीं करना चाहिए।
537 : - buddhimaan vyakti ko murkh, mitr, guru aur apane priyajanon se vivaad nahin karana chaahie.
538 : - ऐश्वर्य पैशाचिकता से अलग नहीं होता।
538 : - aishvary paishaachikata se alag nahin hota.
539 : - स्त्री में गंभीरता न होकर चंचलता होती है।
539 : - stree mein gambheerata na hokar chanchalata hotee hai.
540 : - धनिक को शुभ कर्म करने में अधिक श्रम नहीं करना पड़ता।
540 : - dhanik ko shubh karm karane mein adhik shram nahin karana padata.

chanakya niti for success in life

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